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हमारा देश भारत एक विकासशील देश है, जहां लगभग 6 लाख गांव में पुरे देश कि 65% जनसंख्या रहती है जो की कृषि  और अन्य दूसरे लघु उद्योग से जुड़ कर अपना भरण पोषण करते है| यहाँ शिक्षा को लेकर जागरूकता कम है लेकिन अब सरकारें सभी गाँवों में शिक्षा को लेकर सकारात्मक कदम उठा रही है| 

हम अक्सर सुनते हैं, एक नारी पढ़ेगी, सात पीड़ी तरेगी

ऐसे में सरकारें महिलाओं को शिक्षित करने हेतु विशेष रूप से कार्यरत है और सभी प्रकार की सुविधाओं के साथ महिला एवं बाल शिक्षा विकास के लिये काम कर रही है | 

महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा चलाये गए विशेष योजनाये

1) महिला साक्षरता के लिए साक्षर भारत मिशन
    विशेष रूप से महिलाओं के बीच वयस्क शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 2008 में शुरू किया गया था जिसके तहत लोक शिक्षा केंद्र स्थापित किए गए थे

२) सबला-राजीव गांधी किशोरियों के सशक्तिकरण योजना
    इसका उद्देश्य बढ़ती किशोरियों को खाद्यान्न उपलब्ध कराकर पोषण प्रदान करना है।

3) कस्तूरबा बालिका विद्यालय
    बालिकाओं के लिए आवासीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों की स्थापना

4) शिक्षा का अधिकार
     आरटीई(RTE) शिक्षा को एक मौलिक अधिकार मानता है जो 6 से 14 वर्ष की आयु के प्रत्येक बच्चे को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करेगा।


5) महिला संघ
     इस योजना के तहत महिला मंच (महिला संघ) बनाए गए। यह ग्रामीण महिलाओं को मिलने, मुद्दों पर चर्चा करने, प्रश्न पूछने, सूचित विकल्प बनाने के लिए जगह प्रदान करता है। इसे कुछ राज्यों में लागू किया गया है।

6) राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान
     माध्यमिक शिक्षा के लिए लड़कियों के छात्रावास के लिए बुनियादी ढांचा

7) धनलक्ष्मी योजना
    बालिकाओं के लिए सशर्त धन अंतरण योजना निम्नलिखित 3 शर्तें।
    a) जन्म के समय और जन्म का पंजीकरण।
    b) टीकाकरण की प्रगति और टीकाकरण की समाप्ति।
    c) स्कूल में नामांकन और प्रतिधारण।



महिला शिक्षा के लाभ

1) सामाजिक विकास 
    नारी शिक्षा समाज के सामने आने वाले कई मुद्दों को हल करने में मदद करेगी। 1968 के कोठारी आयोग ने शिक्षा को सामाजिक विकास के साधन के रूप में अनुशंसित किया। नारी शिक्षा को गति देकर भारत सामाजिक विकास के लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है।

2) लैंगिक समानता
     नारी समाज के वंचित वर्ग का हिस्सा है। शिक्षा समाज में लैंगिक अंतर को पाटने में मदद करेगी। सह-शिक्षा संस्थान बच्चों को महिलाओं को सम्मान देने में मदद करेंगे।

3) आर्थिक उत्पादकता
     इससे न केवल महिलाओं को आर्थिक लाभ होगा बल्कि देश की जीडीपी भी बढ़ेगी

4) शिशु मृत्यु दर में कमी
     एक सुशिक्षित महिला को अपने परिवार के स्वास्थ्य के लिए बेहतर निर्णय लेने की अधिक संभावना होगी। अध्ययनों से पता चला है कि महिलाओं में साक्षरता बढ़ने से शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी।

5) बेहतर जीवन स्तर
    शिक्षा से महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। एक अच्छी तरह से शिक्षित महिला को बेहतर रोजगार और बेहतर जीवन स्तर मिलने की संभावना अधिक होती है।



उपरोक्त जानकारी विभिन्न वेबसाइट से इकट्ठा की गई है | 



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