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मुस्लिम महिला अधिनियम, 2019 भारत की संसद का एक अधिनियम है जो तीन तलाक को अपराध घोषित करता है। अगस्त 2017 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने तीन तलाक़ को असंवैधानिक घोषित कर दिया था| 

दिसंबर 2017 में, सुप्रीम कोर्ट के फैसले और भारत में ट्रिपल तालक के मामलों का हवाला देते हुए, सरकार ने मुस्लिम महिला विधेयक, 2017 पेश किया। बिल में तीन तलाक को किसी भी रूप में बोलने, लिखित या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अवैध माना गया। 

  

31 जुलाई, 2019 को मुस्लिम महिला विधेयक 2019 को राष्ट्रपति राजनाथ कोविंद की स्वीकृति प्राप्त हुई थी | 

इस विधेयक ने फरवरी 2019 में प्रख्यापिन अध्यादेश को प्रतिस्थापिन किया है | विधेयक के अनुसार किसी व्यक्ति द्वरा पत्नी को तलाक कहने वाले पुरुष (पति) को कारावास की सजा की जाएगी, जिसे 3 वर्ष तक के लिए बढ़ाया जा सकता है और दुर्मना भी भरना पड़ सकता है | विधेयक को उसी दिन भारत की संसद के निचले सदन लोकसभा द्वारा पारित किया गया था

अदालत का फैसला होने तक संतान माँ के संरक्षण में रहेगा | इस दौरान पति को गुजरा भत्ता देना होगा | 











Topics राष्ट्रीय शिक्षा नीति - 2019 राज्यों के राजधानी भारतीय प्रदेश और वहां रहने वाले जनजाति मौलिक अधिकार एवं नीति निर्देश में अंतर मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम, 2019 कैसे मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 को खत्म करने के लिए अनुच्छेद 370 का इस्तेमाल किया अनुच्छेद - 370 के महत्वपूर्ण तथ्य क्या आपको पता है राष्ट्रीय नागरिक रजिस्ट्रेशन (NRC) क्या है? क्या आपको पता है कि भारत के सर्वोच्य न्यायालय के न्यायाधीश के लिए क्या योग्यताएँ होनी चाहिये ? क्या आपको पता है APJ Abdul Kalam को Nobel Prize क्यों नहीं मिला? 2020 के अनुसार हमारे देश के अधिकारियों का मासिक वेतन देशों के राष्ट्रीय चिन्ह घरेलु महिलाये अपना व्यापार (Business) कम लागत में घर से शुरू करे गाँव में महिलाओं की शिक्षा